चेलों ने एसपी को बढ़ा-चढ़ा कर पेश कियाः विष्णु नागर
इंटरव्यू – विष्णु नागर (वरिष्ठ पत्रकार – साहित्यकार) : भाग दो : एसपी सिंह को बहुत ज्यादा हाइप दिया गया : कुछ लोग संगठित ढंग से रघुवीर सहाय के महत्व को कम आंक कर एसपी की इमेज को बढ़ा-चढ़ा कर पेश करते रहे : एसपी की शिष्य मंडली बहुत बड़ी थी, जो रघुवीर सहाय ने क्रियेट नहीं की : ‘रविवार’ ने ओरिजनल पत्रकारिता नहीं की, ‘दिनमान’ और ‘धर्मयुग’ का मिश्रण था ‘रविवार’ : धर्मवीर भारती का आतंक हुआ करता था, लेकिन एसपी उनसे नहीं डरते थे : रघुवीर सहाय में उनके अपने बहुत आग्रह भी थे : विद्यानिवास मिश्र और अजय उपाध्याय का कार्यकाल मेरे लिए अच्छा नहीं रहा : विद्यानिवास जी ने हम जैसे कई लोगों को बिल्कुल किनारे लगा दिया : अजय उपाध्याय उलझे-उलझे आदमी लगे, उनके अंदर सुलझापन नहीं था : मुझे बड़ा पत्रकार माने या ना मानें, लेकिन लेखक ना मानें तो बुरा लगेगा : मुझे बौद्धिक खुराक अंग्रेजी से मिलती है : बहुत गरीबी देखी थी, तो स्थिरता की इच्छा मन में हमेशा रही : इस दौर में जीने के लिए किसी न किसी लेवल पर क्रियेटिव होना पड़ेगा : विभूति नारायण राय जैसे समझदार आदमी को किसी के बारे में अभद्र टिप्पणी नहीं करनी चाह...